तरबूज खाने से क्या फायदे हैं? What are the benefits of eating watermelon?
तरबूज में बहुत गुण होते हैं लेकिन अगर आपने तरबूज खाने के पहले कुछ बातों का ध्यान नहीं दिया तो आप बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए तरबूज आप जब भी खाएं तो शरीर के फायदे के लिए खाएं न की आपने आपको बीमार करने के लिए।
Watermelon दुनियां का सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला फल है। Watermelon की बहुत सी प्रजातियां हैं और यह सामान्य मौसम वाले इलकों में उगाया जा सकता है।
कुछ watermelon आपने देखे होंगे जो अधिक से अधिक 1kg के होते हैं। लेकिन 20kg से अधिक बजन के watermelon भी आपको बाजारों में देखने को मिल जाते हैं। यह तरबूज की प्रजाति के हिसाब से होता है। सभी प्रजातियों का अंदर से रंग और स्वाद लगभग समान्य ही होता है लेकिन ऊपर से देखने में बहुत सा फर्क देखा जा सकता है।
सबसे पहले तो इस बात को ही जान लेते हैं किस तरह का तरबूज नहीं खाना चाहिए?
कोई भी फल हो सबसे पहले तो उसे प्रकृति के हिसाब से ही खाना चाहिए। जैसे कि जब तरबूज खेतों में पैदा होता है उसी मौसम में खाना चाहिए न कि अपने आपको ज्यादा अमीर समझने की चाहत में तरबूज पैदा मई जून में होता है और आप खाते दिसंबर जनवरी आदि महीनों में हैं जो आपको बीमार कर सकता है।
तरबूज कब उगाया जाता है?
प्रत्येक देश का अलग अलग समय हो सकता है तरबूज उगाने का लेकिन भारत में फरवरी के अंत से शुरुआत मार्च तक तरबूज के बीज खेतों में गाड़ दिए जाते हैं। किसी क्षेत्र में अगर मौसम खराब है तो अप्रेल में भी तरबूज के बीज गाड़ दिए जाते हैं। मई जून में तरबूज का फल बाजारों में बिक्री के लिए आने लगते हैं। तरबूज की कई तरह की नस्ल होती हैं। लेकिन ज्यादातार तरबूज की नस्लों में पका हुआ तरबूज अंदर से लाल रंग का ही होता है।
तरबूज बहुत ही फायदेमंद होता है लेकिन यह फल ताज़ा और ठंडा हो। गर्मियों के मौसम में आपका गला सूखता है, या आपके शरीर में पानी की कमी रहती है तो आप तरबूज भरपेट खाएं। तरबूज के अंदर लगभग 92 % से अधिक पानी होता है बजन घटाने में भी बहुत सहायक होता है तरबूज।
- सीजन के हिसाब से तरबूज खाने के साथ यह भी ध्यान रखना होता है जो तरबूज आप खा रहे हैं बो अधिक से अधिक दो दिन के अंतराल में डाल से टूटा हुआ हो।
- जिस तरबूज को आप खाने जा रहे हैं वह तरबूज धूप का रखा हुआ गर्म न हो, अगर तरबूज का फल गर्म है तो आप ठन्डे पानी में डालकर उसे ठंडा होने दें न कि फ्रीज में रखकर ठंडा करें।
- Watermelon खाते वक्त इस बात का भी बहुत ध्यान रखें कि जो फल आप खरीद रहे हैं वह भले ही अंदर से लाल रंग का न हो लेकिन सड़ा हुआ न हो। अगर धोखे से किसी लालच में आप सड़ा हुआ तरबूज खा लेते हैं तो भी आप बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए आपसे अनुरोध है तरबूज फायदे के लिए सेवन करें न कि बीमार होने के लिए।
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Watermelon के अंदर मौजूद पोषक तत्व। Nutrients present in watermelon.
फाइबर, आयरन, पोटेशियम, विटामिन -ए, विटामिन - बी, विटामिन- सी, लाइकोपीन, साइट्रलाइन।
तरबूज खाने के फायदे। Benefits of eating Watermelon
- अगर आपको भूँख बहुत परेशान करती है आप थोड़ी देर भी भूंखे नहीं रह सकते हैं तो आप तरबूज लगातार कुछ दिन सेवन करने के बाद इस समस्या से निजात पा सकते हैं।
- अगर आपका हृदय कमजोर है तो आप तरबूज का जूस पीना आरम्भ करें तरबूज में मौजूद साइट्रलाइन नामक तत्व हृदय रोग में बहुत सहायक होता है.
- Watermelon में मौजूद फाइबर और अधिक पानी आपके पाचन तंत्र को ठीक करता है। क्योंकि भोजन पचाने के लिए पानी की बहुत आवश्यकता होती है और पेट को ठीक करने के लिए फाइबर की। जब तरबूज के अंदर ये दोनों चीजें भरपूर हैं फिर आपको समस्या हो भी कैसे सकती है।
- तरबूज के अंदर मौजूद लाइकोपीन नामक तत्व आपके शरीर में हल्के फुल्के केंसर के खतरे को बचाता है। हालांकि आपके केंसर को ठीक तो नहीं कर सकता है फिर भी कैंसर ठीक करने में आपकी मदद कर सकता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार आप कैंसर मरीज को खिला सकते हैं सायद कोई मदद मिले।
- आपकी माँसपेसियों में दर्द रहता है तो आप नियमित तरबूज का सेवन कर सकते हैं आपको दर्द में बहुत राहत मिलेगी।
- बहुत से लोगों को वीपी लो को समस्या हो जाती है। अगर आप लगातार कुछ दिन तरबूज का सेवन करें तो आपको वीपी लो की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।
- आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है तो आप चिकित्सा अनुसार नियमित कुछ दिन तक तरबूज के सेवन से अपने शरीर में पानी की आपूर्ति को पूरा कर सकते हैं.
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Watermelon बहुत ही सस्ता फल है इसे गरीब भी खा सकता है अमीर भी खा सकता है। बहुत से लोग तरबूज को सिर्फ इसलिए नहीं खाते हैं कि यार सस्ता है और इसे गरीब खाते हैं। और गरीब भी इसलिए नहीं खाता है कि कोई ये न सोचे कि क्या तरबूज लिए घूम रहे हो। आप अपने दिमाग से ये बात बिल्कुल निकाल दें कि हम तरबूज नहीं खाएंगे। फायदेमंद कोई भी चीज हो उसे तो खाते रहना चाहिए। भले ही आप रोज नहीं खा सकते हैं तो जब कभी खाते रहना चाहिए।
